Released in 1986, Jaanbaaz remains one of the most stylish and ambitious films of 1980s Hindi cinema. Produced and directed by Feroz Khan, the film blended family drama, romance, action, and crime within a visually lavis...
View on Facebookपहले कन्हैयालाल का ख़ून हुआ..... फिर उनके भाई कुन्दनलाल का.... ख़ून किसने किया क्यों किया..... कुछ पता न चला-
कई साल बाद कुन्दनलाल की औलाद बार आई - बड़े सरकार का पूर्व इसरार ऑक्सीडन्ट हुआ - वो ख़तम हो गए-फिर उनके छोटे भाई रामलाल की लाश कमरे में लटकी हुई पाई नई - तीसरा भाई शामलाल मारे ख़ौफ के अपनी भतीजी रेखा, बड़े सरकार की एकलौती लड़की को लेकर शहर वाले फ्लॅट में मुन्तक़िल हो गया - लेकिन - क़ातील ने पीछा ना छोड़ा-
रेखा ने एक नौजवान मोहन के मज़बूत बाजूओं को थाम लिया और समझी के वो अब हर बला से महफ़ूज है-लेकिन......... मोहन भी इस ख़ूनी सिसिले की एक कड़ी बनकर रह गया-यह कौन है - जिसे ख़ून का चस्का लग गया है? क़ातील ने इसी एक खानदान का नाम-व-निशान मिटाने की क़सम क्यों खाई है?
कौन इस गुत्थी को सुलझायगा?
मोहन-या पोलीस?
कैसे- ? यह हम आपको नहीं बतायेंगे - और माही आप "भूत बंगला" देखने के बाद बाहर आकर किसी को बतायेंगे।
(From the official press booklet)